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अखिल भारतीय समाचार पत्र एसोसिएशन ने किया प्रांतीय अधिवेशन एवं संगोष्ठी का आयोजन

by viralnari
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21 वरिष्ठ संपादकों को किया लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित


हरिद्वार। अखिल भारतीय समाचार पत्र एसोसिएशन की उत्तराखंड इकाई के तत्वावधान में प्रांतीय अधिवेशन, वरिष्ठ संपादक सम्मान समारोह एवं वर्तमान दौर में समाचार पत्रों की भूमिका विषय पर एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रैस क्लब सभागार में आयोजित अधिवेशन में प्रदेश भर से आए साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक समाचार पत्रों के संपादकों ने भाग लिया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए मिश्री मठ के महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज ने कहा कि प्रिंट मीडिया आज भी प्रासंगिक है और उसकी विश्वसनीयता आज भी बरकरार है। सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म है, लेकिन लोग समाचार पत्रों में छपी खबर पर ही भरोसा करते हैं। अखबार आज भी समाज का आईना है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता भी योग और तपस्या है, सत्य को बिना लाग-लपेट के लिखना ही सबसे बड़ी साधना है। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आज पत्रकार और पत्रकारिता एक चैलेंजिंग पेशा बन गया है। पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर खबरों को सामने लाते हैं। खोजपूर्ण और सनसनीखेज खबरों पर पत्रकारों को डराया-धमकाया भी जाता है, मुकदमे दर्ज होते हैं, लेकिन इसके बावजूद पत्रकार सच्चाई को बिना डरे समाज के सामने लाने का हरसंभव प्रयास करते हैं, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पत्रकारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और हरिद्वार प्रेस क्लब के नए भवन की मांग को जल्द पूरा किया जाएगा। महानिदेशक सूचना एवं लोक संपर्क बंशीधर तिवारी ने कहा कि जमाना बदल गया है और तेजी से बदल रहा है। लेकिन समाचार पत्रों को पढ़ने की आदत आज भी लगातार जारी है। लोग भले ही दिन भर सोशल मीडिया पर रहते हों, खबरें शेयर करते हों, लेकिन अगली सुबह उन्हें अखबार का इंतजार रहता ही है। चाय की चुस्की के साथ अखबार पढ़ने का सुख आज भी बरकरार है। इससे पता चलता है कि लोग आज भी अखबार की खबर पर ज्यादा भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग छोटे समाचार पत्रों के हितों की रक्षा के लिए कार्य कर रहा है। उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सरदार सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि समाचार पत्रों और खबरों का पैटर्न बदल गया है। लोग मसालेदार और चटपटी खबरें पढ़ना ज्यादा पसंद करने लगे हैं, लेकिन अखबार आज भी दूर-दराज के क्षेत्रों में खबरें पहुंचाने और वहां की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का काम बखूबी कर रहे हैं। समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी अखबार आज भी निभा रहे हैं। श्री गंगा सभा अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री नितिन गौतम ने कहा कि हरिद्वार और मां गंगा की लोकप्रियता का श्रेय समाचार पत्रों एवं पत्रकारों को जाता है। जिनके प्रयास से हरिद्वार और मां गंगा आज विश्व प्रसिद्ध हैं और देश-विदेश से श्रद्धालु मां गंगा में स्नान करने आते हैं। हरिद्वार में कुंभ, अर्धकुंभ, कांवड़, सावन मास एवं वर्ष भर पड़ने वाले पर्वों की जानकारी आम जनमानस को पत्रकार और समाचार पत्र ही देते हैं। उन्होंने गंगा सभा की ओर से सभी पत्रकारों को हर सहयोग का आश्वासन दिया। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमित कुमार शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि छोटे समाचार पत्र लोकतंत्र की रीढ़ हैं। उन्होंने महानिदेशक सूचना का मुख्यमंत्री पत्रकार कल्याण कोष के लिए आभार जताया और पत्रकार पेंशन, अधिमान्यता और विज्ञापन नीति में सुधार की मांग रखी। इस अवसर पर पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए 21 वरिष्ठ संपादकों ब्रजेंद्र हर्ष, गुलशन नैय्यर, रामचंद्र कनौजिया, शैलेंद्र सिंह, राधेश्याम विद्याकुल, कुमकुम शर्मा, निशा शर्मा, काशीराम सैनी, अवधेश शिवपुरी, डा.प्रदीप जोशी, शिवकुमार शर्मा, श्रवण अरोड़ा, जयपाल सिंह, राजीव तुम्बड़िया, नरेश दीवान शैली, ओमगौतम फक्कड़, राजेश शर्मा, अविक्षित रमन, प्रवीण झा एवं दया जोशी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।

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